Ye Nain Chura Laye Hai Masti Kisi Ki
LYRICS:
ये नैन चुरा लाये है मस्ती किसी की
ये नैन चुरा लाये है मस्ती किसी की
चुपके चुपके से कह दो
मैं लिपटी हु उसकी
ये नैन चुरा लाये है मस्ती किसी की
जब जुल्फ हवा से गालों पर मिलती है
जब जुल्फ हवा से गालों पर मिलती है
तोह सुबह शाम दोनों आकर मिलती है
तोह सुबह शाम दोनों आकर मिलती है
कुछ रंग कहे अब बदल गयी
कुछ रंग कहे अब बदल गयी
बदल गयी नस नस की
ये नैन चुरा लाये है मस्ती किसी की
वो राधा तेरा मोहन तेरा बस में
वो राधा तेरा मोहन तेरा बस में
दिन रात चमकता जमुना के दर्पण में
दिन रात चमकता जमुना के दर्पण में
वो भोर कहा है भोर कहा
वो भोर कहा है भोर कहा
कलि बानी तू किसकी
ये मैं चुरा लाये है मस्ती किसी की
तुम लाख छुपाओ तुम लाख छुपाओ
अपने मन के तारे कहते थे
तारे कहते है रात है
तारे कहते है रात है किसकी बीती
ये बात नहीं है बात नहीं
ये बात नहीं है बात नहीं
अपने मनन के बस में
ये नैन चुरा लाये है मस्ती किसी की
ये नैन चुरा लाये है मस्ती किसी की