Kahe Bansuria Bajaile (Happy Version) - काहे बासुरिया बजाईले
LYRICS:
काहे बासुरिया बजवले की सुध बिस्रवले,
गइल सुख चैन हमार।
कटवा कांकरिया कुछ नाही देखलि
हो कुछ नाही देखलि,
खोजत खोजत तोहे इहा चली अइली।
काहे के मतिया फिरवले
की डगरी भुलवले,
गइल सुख चैन हमार।
गाओं गिरामिन मारेला बोलिया
हो मारेला बोलिया,
संग के सहेलिया करेला ठिठोलिया।
काहेके नाम धरवले
की दगिया लगवले,
गइल सुख चैन हमार।
तोरे बाँसुरिया में
गिनती के छेद बा हो
गिनती के छेद बा,
मनवा हमार पिया
छलनी भइलबा।
काहे पीरित बडवले
की अंगिया लगवले,
गइल सुख चैन हमार।
काहे बासुरिया बजवले
की सुध बिस्रवले,
गइल सुख चैन हमार।
काहे बासुरिया बजवले।